Chakravaat Motha – के प्रकोप से आज 7 राज्यों में मौसम का मिजाज बदला, आंध्र-ओडिशा पर संकट!

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Chakravaat Motha -देश के कई राज्यों में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। चक्रवाती तूफान मोंथा चक्रवात मोंथा ओडिशा में तबाही का कारण बनने के बाद अब और आगे बढ़ गया है, जिससे आज आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में खतरे की घंटी बज गई है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की रिपोर्ट के मुताबिक बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य क्षेत्र में बना यह तूफान अब एक भीषण चक्रवात में बदल चुका है। आज मंगलवार शाम या रात को यह काकीनाडा के पास मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की संभावना जताई गई है।

आईएमडी का अलर्ट, हवा की रफ्तार 110 तक पहुंचेगी

आईएमडी ने अलर्ट जारी करते हुए बताया कि मोंथा पिछले 6 घंटों में करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा है। इस दौरान यह गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया है।

इसके असर से तटीय इलाकों में हवा की रफ्तार 90 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इस वजह से प्रशासन को हाईअलर्ट पर रखा गया है।

आंध्र प्रदेश-ओडिशा में तेज बारिश की शुरुआत

Chakravaat Motha -आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के कई तटीय जिलों में तेज बारिश और तूफानी हवाएं पहले ही शुरू हो चुकी हैं। ओडिशा के गंजम जिले में समुद्र में उथल-पुथल देखी गई है और आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में भारी बारिश दर्ज की गई। तमिलनाडु के चेन्नई समेत कई जिलों में भी सुबह से बारिश हो रही है।

मौसम विभाग ने तमिलनाडु के चेंगलपट्टू, चेन्नई, कांचीपुरम, कन्नियाकुमारी, रानीपेट, तेनकासी, तिरुवल्लूर, थूथुकुडी, तिरुनेलवेली, तिरुपथुर, तिरुवन्नामलाई, वेल्लोर, विलुप्पुरम और विरुधुनगर जिलों में हल्की आंधी, गरज और मध्यम वर्षा की संभावना जताई है।

किसान चिंतित, फसलों को नुकसान का डर

मध्य प्रदेश में भी Chakravaat Motha और पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखना शुरू हो गया है। ग्वालियर-चंबल अंचल में 30 घंटे से लगातार बारिश का सिलसिला जारी है। शिवपुरी जिले में धान, मक्का और टमाटर की फसल बर्बाद हो गई है। टमाटर की फसल में 90% तक नुकसान की आशंका है। दतिया जिले के 500 से ज्यादा गांवों में 60 से 80% तक धान की फसल खेतों में बिछ गई है।

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भिंड और श्योपुर में भी स्थिति गंभीर है। भिंड जिले में करीब 60% धान की फसल चौपट हो गई है। श्योपुर जिले में दिनभर बारिश के कारण 30 से 50% तक धान की फसल प्रभावित हुई है। मुरैना जिले में भी 30 घंटे से लगातार रिमझिम बारिश हो रही है, जबकि ग्वालियर जिले में धान और मक्का की फसल को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

उत्तर भारत: ठंड बढ़ी, बारिश का अलर्ट

chakravaat Motha के कारण दिल्ली, यूपी, हरियाणा और पंजाब में अचानक ठंडक बढ़ गई है। मौसम विभाग के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने कहा कि 30 अक्टूबर को बनारस और मीरजापुर मंडल के जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली-एनसीआर में 29 से 31 अक्टूबर के बीच गरज-चमक और बारिश का अनुमान है।

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प्रशासन सतर्क, राहत कार्य शुरू

Chakravaat Motha से प्रभावित जिलों में प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा के समंदर किनारे बसे गांवों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा रहा है। एनडीआरएफ की टीमें तैनात हैं और राज्य सरकारें राहत व बचाव कार्य में जुट गई हैं।

संवेदनशील इलाकों में देखभाल की सलाह

Chakravaat Motha से प्रभावित होने की वजह से आईएमडी ने तटीय राज्यों के लोगों को सलाह दी है कि वे समुद्री क्षेत्रों से दूर रहें, गैर-जरूरी यात्रा टालें और किसी भी आपात स्थिति के लिए प्रशासन के संपर्क में रहें। मछुआरों को समुद्र में जाने से रोका जा रहा है।

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तूफान मोंथा का व्यापक असर, अगले दो दिन चुनौती भरे

Chakravaat Motha से प्रभावित होने की वजह से मौसम विभाग ने चेताया है कि तूफान मोंथा का असर अगले 48 घंटों तक बना रह सकता है। इस दौरान भारी बारिश, तेज हवाओं, बिजली की कड़क और आंशिक ठंड की संभावना है। किसानों को अपनी फसलें सुरक्षित करने की अपील की गई है, वहीं जनता को सतर्क रहकर प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

निष्कर्ष

Chakravaat Motha के कारण आज आंध्र प्रदेश सहित देश के 7 राज्यों में मौसम की तस्वीर बदल गई है। कहीं राहत तो कहीं नुकसान की खबर सामने आ रही है। प्रशासन मुस्तैद है और हर नागरिक को सतर्क होकर मौसम की जानकारी पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।

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